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नहीं, चीनी दूध को पचाने में आपके शिशॠकी कोई मदद नहीं करती है। मगर इससे शिशॠको मीठे पेय और à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने का शौक बढ़ सकता है। जब à¤à¤• साल का होने पर आपका​ शिशॠगाय का दूध पीना शà¥à¤°à¥ करता है, तो आप उसके दूध में थोड़ी चीनी डालने का न सोचें।
चीनी का उपयोग आमतौर पर खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने के लिठकिया जाता है ताकि 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ या उससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मिल सके लेकिन जैसा कि हम सà¤à¥€ जानते है कि दूध में चीनी की मातà¥à¤°à¤¾ डालकर उसका सेवन करने से छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान हो सकता है।शिशà¥à¤“ं के दूध में चीनी का उपयोग करने से पेरेंटà¥à¤¸ को परहेज करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है, जैसे दांतों की सड़न, इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ और मोटापा à¤à¥€ बढ़ सकता है। 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ की मिठास आप कई तरीके से बढ़ा सकते हैं, जिसकी मदद से दूध टेसà¥à¤Ÿà¥€ और हेलà¥à¤¦à¥€ बना सकते है।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को दूध में चीना मिलाकर देने के नà¥à¤•सान
1. दांतों में सड़न
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध में चीनी मिलाकर देने से उनके दांतों में दरà¥à¤¦ और कैविटी हो सकती है। दरअसल छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤‚ह में मिठास रह जाने से दांतों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पनपने लगते है और उनके दांतों और मसूड़ों को कमजोर बना सकते हैं। इससे मसूड़ों में दरà¥à¤¦ की परेशानी à¤à¥€ हो सकती है।
2. मोटापा
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में बहà¥à¤¤ अधिक चीनी का उपयोग करने से वे अधिक कैलोरी का सेवन कर लेते हैं। इससे शरीर में वसा जमा हो सकती है। खासकर अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ उतना à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ नहीं है, तो ये उसके लिठऔर नà¥à¤•सानदायक साबित हो सकता है। मोटापे से बचà¥à¤šà¥‡ को और कई परेशानियां à¤à¥€ हो सकती है।
3. डायबिटीज
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध में चीनी डालकर देने से उनमें टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। यह उनके रकà¥à¤¤ में शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को धीरे-धीरे बढ़ा सकता है और बड़े होने पर या बचपन में ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डायबिटीज की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा बचà¥à¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ अधिक शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनके लिठइसे डाइजेसà¥à¤Ÿ करना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
4. हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ
हालांकि चीनी बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ रकà¥à¤¤ में अवशोषित हो जाती है। दूध में अधिक चीनी डालकर इसका सेवन करने से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का लेवल बढ़ सकता है और यह उचà¥à¤š à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¾à¤²à¤¾à¤ˆà¤¨ सà¥à¤¤à¤° को बढ़ावा देता है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अति सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ का कारण बनता है।
5. सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€
हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के लेवल के कारण इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ नामक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का अधिक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ हो सकता है, जो शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है। बहà¥à¤¤ अधिक इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° में अचानक गिरावट का कारण बन सकता है, जिससे बचà¥à¤šà¥‡ में सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€, निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ और थकान हो सकती है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤¸à¥‡ बनाà¤à¤‚ डिश
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध में चीनी की जगह शहद या मिशà¥à¤°à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। शहद में नैचà¥à¤°à¤² मिठास होती है। इसकी बेहद संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ के उपयोग से आप बचà¥à¤šà¥‡ को मीठे का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ दे सकते हैं और ये सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को à¤à¥€ नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इसके अलावा आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° चीजों में बचà¥à¤šà¥‡ को फलों की नैचà¥à¤°à¤² मिठास देने की कोशिश करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसे बचà¥à¤šà¤¾ आसानी से पचा पाता है और ये शरीर के लिठफायदेमंद à¤à¥€ होती है। इसके अलावा आप दूध में सूखा मेवा मिलाकर à¤à¥€ दूध को मीठा बना सकते हैं।
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